
महराजगंज में 53 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर गिरी गाज: लापरवाही पर मानदेय बाधित, सख्त आदेश जारी
- By UP Samachaar Plus --
- Wednesday 09 Oct, 2024
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महराजगंज, 9 अक्टूबर। महराजगंज जिले में 53 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय विभागीय लापरवाही और अनियमितताओं के चलते बाधित कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान पाई गईं कमियों और कर्तव्यों के सही ढंग से निर्वहन न करने के आधार पर यह कठोर कार्रवाई की। कई केंद्रों पर पोषण ट्रैकर की फीडिंग में लापरवाही, पोषाहार वितरण में अनियमितताएं और विभागीय निर्देशों का पालन न किए जाने की शिकायतें मिलीं, जिसके परिणामस्वरूप यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा, कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
आंगनबाड़ी की भूमिका और इसकी महत्ता
आंगनबाड़ी योजना, 1975 में शुरू हुई एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य 6 साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा प्रदान करना है। इस योजना का क्रियान्वयन मुख्य रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में होता है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। आंगनबाड़ी केंद्र न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में योगदान देते हैं, बल्कि पोषण आहार, टीकाकरण, और शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार भी करते हैं।
कार्यकत्रियों का दायित्व यह होता है कि वे अपने केंद्रों पर नियमित रूप से बच्चों को भोजन वितरित करें, पोषण ट्रैकर में बच्चों और माताओं की जानकारी दर्ज करें और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ें। इसके अलावा, बाल विकास परियोजना के तहत कार्यकत्रियों का यह भी दायित्व होता है कि वे केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और समुचित तरीके से पोषाहार वितरण की निगरानी करें। यदि ये दायित्व सही ढंग से नहीं निभाए जाते हैं, तो इसका सीधा असर बच्चों और माताओं की सेहत पर पड़ता है।
कार्रवाई का कारण और विवरण
महराजगंज में हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकत्रियों द्वारा इन आवश्यक दायित्वों का पालन नहीं किया जा रहा था। पोषण ट्रैकर की फीडिंग में लापरवाही, पोषाहार वितरण में अनियमितताएं और केंद्र संचालन में ढिलाई के मामले सामने आए। इसके परिणामस्वरूप, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने 53 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय तत्काल प्रभाव से बाधित करने का आदेश दिया है।
इस कार्रवाई के तहत निम्नलिखित परियोजनाओं में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बाधित किया गया है:
- बाल विकास परियोजना सदर: 4 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- बाल विकास परियोजना पनियरा: 24 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- बाल विकास परियोजना परतावल: 8 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- बाल विकास परियोजना सिसवा: 3 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- बाल विकास परियोजना निचलौल: 5 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- बाल विकास परियोजना फरेन्दा: 5 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- बाल विकास परियोजना लक्ष्मीपुर: 4 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
इसके अलावा, बाल विकास परियोजना बृजमनगंज की 20 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और बाल विकास परियोजना धानी की 28 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इस कार्रवाई के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ आंगनबाड़ी केंद्रों का सघन निरीक्षण करें और विभागीय कार्यों का समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। पोषाहार वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा, और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पाए जाने पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाल विकास परियोजना अधिकारी घुघली को आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने के कारण चेतावनी जारी की गई है। अन्य अधिकारियों और प्रभारी कर्मियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वे विभागीय कार्यों का सत-प्रतिशत अनुपालन करें, ताकि बच्चों और महिलाओं को सही लाभ मिल सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करने में अहम होती है। कार्यकत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें, क्योंकि यह समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों पर गहरा असर डाल सकता है। महराजगंज जिले में हुई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में लापरवाही या अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और समय पर कार्रवाई की जाएगी।